RSR Rules 01 to 05

 Rule 1 – भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत प्रत्येक राज्य को अपने राज्य में सरकारी सेवा के संचालन के लिए कुछ नियम व उपबन्ध बनाने का अधिकार है। राजस्थान राज्य में इन्हीं नियमों को राजस्थान सेवा नियमों से जाना जाता है।

Rule 2आरएसआर के नियम राज्यपाल के कार्यकारी आदेश है तथा राजस्थान के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागु होते है। निम्नांकित सेवाओं/पदों पर राजस्थान सेवा नियम लागु नही होते हैः-


राजस्थान में प्रतिनियुक्त केन्द्र सरकार/अन्य राज्य के कर्मचारी।

अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी।

राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य।

राजस्थान उच्च न्यायालय में नियुक्त न्यायाधीश।

वह कर्मचारी जिनका विपरीत परिस्थितियों में भुगतान आकस्मिक निधि से हो। आकस्मिक निधि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 267(2) के तहत संधारित होते है।

वर्कचार्ज कर्मचारी जिनका वेतन संस्थापन मद से नहीं किया जाता हो। संचित निधि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 266(1) के तहत संधारित होती है।

Rule 3आरएसआर की अंतिम शक्तियां वित विभाग में निहित है।

Rule 4राजस्थान सेवा नियमों में शिथिलता प्रदान करने का अधिकार राजस्थान सरकार(राज्यपाल) को है।

Rule 5राजस्थान सेवा नियमों के अधीन पारित आदेशों को लोकहित में (रिव्यू) करने का अधिकार राजस्थान सरकार को है।

Rule 9राजस्थान सेवा नियमों की व्याख्या(इन्टरपरिटेशन)का अधिकार राजस्थान के राज्यपाल के पास सुरक्षित है।







अवकाश नियम-आकस्मिक अवकाश, उपार्जित अवकाश

मातृत्व अवकाश,पितृत्व अवकाश,चिकित्सा अवकाश

असाधारण अवकाश, अध्ययन अवकाश

विकलांगता अवकाश आदि।

2 thoughts on “RSR Rules 01 to 05”

  1. पदौन्नति पर कार्यग्रहण काल में वृद्धि हेतु
    कार्मिक का पुत्र निशक्तजन है।क्या उसको पदोन्नति पर कार्यग्रहण काल में वृद्धि हो सकती है, यदि है तो नियम बताने का श्रम करें।

  2. पदौन्नति पर कार्यग्रहण काल में वृद्धि हेतु
    कार्मिक का पुत्र निशक्तजन है।क्या उसको पदोन्नति पर कार्यग्रहण काल में वृद्धि हो सकती है, यदि है तो नियम बताने का श्रम करें।

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