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CCL Rules In Rajasthan: राजस्थान में चाइल्ड केयर लीव (CCL) के नियम—पूरी, स्पष्ट और काम की गाइड

CCL Rules In Rajasthan - Rajasthan government employee child care leave guide
राजस्थान में Child Care Leave (CCL) को लेकर सबसे ज़्यादा सवाल पात्रता, दिनों की सीमा, वेतन, स्पेल, दस्तावेज़ और DDO की स्वीकृति पर होते हैं। यह गाइड CCL Rules In Rajasthan को सरल भाषा में, नियमों/आदेशों के संदर्भ सहित, एक जगह स्पष्ट करती है।

सीधा जवाब (Quick Answer):CCL Rules In Rajasthan के अनुसार महिला राज्य कार्मिक को पहली 2 जीवित संतानों की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में कुल 730 दिन की Child Care Leave मिलती है। एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 3 spells, न्यूनतम 5 दिन, और वेतन पहले 365 दिन 100%अगले 365 दिन 80% (FD आदेश 31/07/2020) के अनुसार देय है। CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. …

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CCL आवेदन के साथ लगने वाले दस्तावेज़ (राजस्थान चाइल्ड केयर लीव नियम)

संक्षेप में: CCL का उपयोग बच्चे की बीमारी, परीक्षा, पालन-पोषण जैसी परिस्थितियों में किया जा सकता है। यह अवकाश स्वीकृति-आधारित है; यानी कार्यालय की आवश्यकता के अनुसार DDO इसे मंजूर/नामंजूर कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए Rajasthan Government School Fees List 2026-27 राजकीय विद्यालय शुल्क तालिका 10 Proven Best भी पढ़ें। अधिक जानकारी के लिए Rajasthan Government School Fees List 2026-27 राजकीय विद्यालय शुल्क तालिका 10 Proven Best भी पढ़ें।

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Step Section Why it matters
1 CCL Rules In Rajasthan: त्वरित परिचय CCL Rules In Rajasthan .. ….. practical benefit
2 पात्रता: कौन ले सकता/सकती है CCL. CCL Rules In Rajasthan .. ….. practical benefit
3 कुल दिनों की सीमा: 730 दिन, कितनी बार. CCL Rules In Rajasthan .. ….. practical benefit
4 कारण व आयु सीमा: बीमारी, परीक्षा, पालन-पोषण CCL Rules In Rajasthan .. ….. practical benefit

CCL Rules In Rajasthan: त्वरित परिचय

Child Care Leave (CCL) राजस्थान सरकार के कार्मिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा है, जिसका उद्देश्य यह है कि जब बच्चे की देखभाल की वास्तविक आवश्यकता हो—जैसे बीमारी, परीक्षा, या पालन-पोषण से जुड़ी जिम्मेदारियाँ—तो अभिभावक कार्मिक उचित अवधि के लिए अवकाश ले सके। CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. … अधिक जानकारी के लिए शिक्षा विभाग, राजस्थान – शिविरा पंचांग: 2026-2027 pdf Download 2026 Ultimate Best भी पढ़ें।

यह गाइड नियम 103C तथा वित्त विभाग के प्रमुख आदेशों (जैसे 22/05/2018, 10/09/2018, 31/07/2020) में बताए गए व्यावहारिक बिंदुओं को सरल भाषा में जोड़कर समझाती है, ताकि आवेदन करते समय भ्रम न रहे। अधिक जानकारी के लिए शिक्षा विभाग, राजस्थान – शिविरा पंचांग: 2026-2027 pdf Download 2026 Ultimate Best भी पढ़ें।

पात्रता: CCL Rules In Rajasthan में कौन ले सकता/सकती है CCL.

1) महिला राज्य कार्मिक

CCL Rules In Rajasthan के तहत सामान्य रूप से किसी भी महिला राज्य कार्मिक को पहली 2 जीवित संतानों की देखभाल के लिए CCL उपलब्ध है। CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. … अधिक जानकारी के लिए SHIVIRA-PANCHANG-2025-26-1.pdf 17 Powerful Best भी पढ़ें।

2) एकल पुरुष राज्य कार्मिक (विधुर/तलाकशुदा)

वित्त विभाग के 31/07/2020 के आदेश के अनुसार, निर्धारित कारणों (बीमारी/परीक्षा/देखभाल) के लिए एकल पुरुष (जैसे विधुर या तलाकशुदा) राजकीय कार्मिक भी CCL का लाभ ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए SHIVIRA-PANCHANG-2025-26-1.pdf 17 Powerful Best भी पढ़ें।

3) किन बच्चों के लिए.

  • आम तौर पर 2 जीवित संतान तक
  • बच्चे की आयु सामान्यतः 18 वर्ष तक (दिव्यांग बच्चे के मामले में विशेष छूट)

CCL Rules In Rajasthan: कुल सीमा 730 दिन—पूरे सेवाकाल में

नियम 103C (FD आदेश दिनांक 22/05/2018) के अनुसार, पहली 2 जीवित संतानों की देखभाल हेतु पूरे सेवाकाल में कुल 730 दिन की CCL उपलब्ध है। CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. …

Direct Answer (40–60 शब्द)

राजस्थान में CCL की कुल सीमा 730 दिन है। यह सीमा पूरे सेवाकाल के लिए तय होती है, यानी आप इसे आवश्यकता अनुसार हिस्सों में (spells) ले सकते हैं, लेकिन कुल जोड़ 730 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए। यह अवकाश बच्चे की देखभाल से संबंधित उद्देश्यों के लिए है और स्वीकृति DDO/विभागीय सक्षम अधिकारी द्वारा होती है।

CCL लेने के कारण और आयु सीमा: बीमारी, परीक्षा, पालन-पोषण

CCL का उपयोग आप बच्चे की देखभाल के वास्तविक कारणों से कर सकते हैं—जैसे: CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. …

  • बच्चे की बीमारी और देखभाल
  • परीक्षा (विशेषकर बोर्ड/महत्वपूर्ण परीक्षाएँ) के समय देखभाल
  • पालन-पोषण, आवश्यक देखरेख, या अन्य उचित पारिवारिक परिस्थितियाँ

आयु सीमा (18 वर्ष) का नियम

सामान्यतः यह अवकाश 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए लिया जा सकता है।

दिव्यांग बच्चे के लिए विशेष छूट

FD आदेश दिनांक 31/07/2020 के अनुसार 40% या उससे अधिक दिव्यांग बच्चे के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं रहेगा। व्यवहार में, ऐसे मामलों में मान्य दिव्यांग प्रमाण पत्र का संलग्न करना अत्यंत जरूरी होता है। CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. …

CCL Rules In Rajasthan: एक कैलेंडर वर्ष में 3 spells और न्यूनतम 5 दिन

एक वर्ष में कितनी बार.

एक कैलेंडर वर्ष (1 जनवरी से 31 दिसंबर) में CCL अधिकतम 3 spells में ली जा सकती है।

  • यदि कोई spell एक वर्ष में शुरू होकर अगले वर्ष में समाप्त होता है, तो उसे उसी वर्ष का spell माना जाएगा जिसमें CCL शुरू हुई थी।

न्यूनतम कितने दिन.

FD नियम/आदेश No.F.1(6)FD/Rules/2011 दिनांक 31.07.2020 के अनुसार CCL का न्यूनतम spell 5 दिन का होगा। CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. …

प्रैक्टिकल उदाहरण

मान लीजिए आपने 10 दिन CCL फरवरी में ली, 7 दिन अगस्त में, और 15 दिन नवंबर में—तो आपके 3 spells पूरे हो गए। यदि दिसंबर के अंत में CCL शुरू हुई और जनवरी तक चली, तो वह spell उसी वर्ष में गिनी जाएगी जिसमें आपने शुरू की थी।

CCL Rules In Rajasthan में वेतन, DA, इंक्रीमेंट और ACP: सबसे महत्वपूर्ण बातें

CCL के दौरान वेतन भुगतान

FD आदेश दिनांक 31/07/2020 के अनुसार: CCL Rules In Rajasthan .. … … .. ….. .. …….. …. practical decision …. … … …. …

  • पहले 365 दिन: 100% वेतन
  • अगले 365 दिन: 80% वेतन

अवकाश वेतन का भुगतान सामान्यतः अवकाश पर प्रस्थान से पूर्व प्राप्त वेतन की दर से किया जाता है।

DA (महंगाई भत्ता) बढ़े तो क्या होगा.

CCL के दौरान यदि DA की दर बढ़ती है, तो भुगतान बढ़ी हुई दर से किया जाएगा।

1 जुलाई की वेतनवृद्धि (Increment) CCL में हो तो.

यदि कोई महिला कार्मिक 1 जुलाई से CCL पर है, तो वेतनवृद्धि स्वीकृत तो 1 जुलाई से ही होगी, लेकिन वह काल्पनिक (Notional) रहेगी। इसका आर्थिक लाभ कार्मिक को अवकाश से लौटकर कार्यग्रहण की तिथि से देय होगा।

ACP/स्थाईकरण से वेतन नियमितीकरण

CCL अवधि में यदि ACP या स्थाईकरण इत्यादि के कारण वेतन नियमितीकरण बनता है, तो सिद्धांत वही रहेगा—वित्तीय लाभ सामान्यतः ड्यूटी जॉइन करने के बाद प्रभावी होगा (नोटional benefit पहले से माना जा सकता है)।

प्रोबेशन/ट्रेनिंग में CCL: क्या मिलती है.

सामान्यतः प्रोबेशनर ट्रेनी को CCL नहीं दी जाती। हालांकि, यदि विशेष परिस्थितियों में सक्षम स्तर पर CCL स्वीकृत होती है, तो जितने दिन CCL स्वीकृत की गई है, प्रोबेशन अवधि उतने ही दिन आगे बढ़ सकती है।

प्रैक्टिकल सलाह: प्रोबेशन में CCL से पहले अपने विभाग के अद्यतन निर्देश और अपने नियुक्ति/प्रोबेशन आदेश की शर्तें जरूर देख लें।

CCL Rules In Rajasthan: स्वीकृति (Approval) अधिकार नहीं—DDO की भूमिका

यह बिंदु बहुत महत्वपूर्ण है: CCL को अधिकार के रूप में मांग नहीं किया जा सकता। कार्यालय कार्य, सार्वजनिक सेवा, स्टाफिंग और विभागीय लक्ष्यों पर असर पड़ने की स्थिति में:

  • DDO आवेदन अस्वीकृत कर सकता है
  • जरूरत पड़ने पर पूर्व में स्वीकृत CCL को निरस्त भी किया जा सकता है
  • या CCL की अवधि कम कर कर्मचारी को ड्यूटी पर वापस बुलाया जा सकता है

स्वीकृति प्रैक्टिकली कैसे आसान होती है.

  • आवेदन में कारण स्पष्ट लिखें (बीमारी/परीक्षा/देखभाल)
  • संबंधित दस्तावेज़ साथ लगाएँ
  • जहाँ संभव हो, वैकल्पिक व्यवस्था/वर्क हैंडओवर का छोटा नोट जोड़ें

रविवार/राजकीय अवकाश CCL में count होंगे. prefix-suffix का क्या.

CCL को उपार्जित अवकाश (Earned Leave) की प्रकृति में स्वीकृत माना गया है, इसलिए CCL के बीच में आने वाले रविवार या अन्य राजकीय अवकाश सामान्यतः CCL अवधि में शामिल होंगे।

साथ ही, राजस्थान सेवा नियम 1951 (RSR) खण्ड-1, अध्याय 10 के नियम 61 एवं 63 के अंतर्गत पूर्ववर्ती (prefix) और पश्चावर्ती (suffix) सार्वजनिक अवकाश का लाभ नियमानुसार लिया जा सकता है (विभागीय प्रैक्टिस/स्पष्टीकरण के अनुसार)।

CCL के साथ अन्य अवकाश: क्या जोड़ सकते हैं.

हाँ, CCL के साथ आकस्मिक अवकाश (CL) के अलावा अन्य अवकाश जोड़े जा सकते हैं।

स्वीकृति स्तर का व्यावहारिक नियम

स्रोत सामग्री में प्रचलित प्रैक्टिस के अनुसार:

  • DDO अक्सर 120 दिन तक की CCL स्वीकृत कर सकता है
  • इससे अधिक अवधि होने पर प्रकरण विभागाध्यक्ष/उच्च सक्षम अधिकारी स्तर पर स्वीकृति हेतु जा सकता है

ध्यान रखें: स्वीकृति सीमा/प्रक्रिया विभाग-वार अलग निर्देशों से भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए कार्यालय के नवीनतम आदेशों का मिलान करें।

सरोगेसी और अवकाश परिवर्तन (Conversion): क्या संभव है.

सरोगेसी संतान के लिए CCL.

दिए गए स्रोत के अनुसार, CCL विधि-मान्य संतान की देखभाल के लिए दी जाती है; इसलिए सरोगेसी संतान की देखभाल हेतु CCL नहीं मानी गई है। (यदि भविष्य में कोई नया परिपत्र/न्यायिक निर्देश आता है, तो वही अंतिम होगा।)

पहले लिए गए अवकाश को CCL में बदलना.

पूर्व में लिए गए किसी भी प्रकार के अवकाश (जैसे चिकित्सा प्रमाण पत्र पर परिवर्तित अवकाश) को बाद में CCL में परिवर्तित नहीं कराया जा सकता।

CCL को अन्य अवकाश में बदलना.

इसी तरह CCL को भी अन्य किसी अवकाश में convert नहीं किया जा सकता। CCL का उपभोग सामान्यतः पूर्व स्वीकृति के बाद ही किया जाना चाहिए।

एक साथ कई आवेदन: 20% कैप और प्राथमिकता (Priority) नियम

FD आदेश दिनांक 10/09/2018 के अनुसार, ताकि राजकार्य सुचारू रहे और विभागीय लक्ष्य प्रभावित न हों, सामान्यतः कुल स्टाफ के 20% से अधिक कार्मिकों की CCL एक समय में स्वीकृत नहीं की जाएगी।

एक से अधिक आवेदन हों तो प्राथमिकता क्रम

  1. बच्चे की गंभीर बीमारी में देखभाल / दिव्यांग बच्चे की देखभाल
  2. माध्यमिक/उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा के समय देखभाल
  3. बोर्ड परीक्षा के अतिरिक्त शिक्षण/पढ़ाई के समय देखभाल
  4. 3 वर्ष से कम आयु के बच्चे की देखभाल

शिक्षा विभाग के संदर्भ में, निदेशक बीकानेर के आदेश दिनांक 03/08/2018 के अनुसार कुछ परिस्थितियों में विधवा एवं परित्यक्ता श्रेणी की महिलाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश भी बताए गए हैं (विभागीय परिपत्र/नवीनतम आदेश देखें)।

CCL आवेदन फॉर्मेट और जरूरी दस्तावेज़ (Checklist)

CCL के लिए वित्त विभाग द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन करें और साथ में प्रासंगिक दस्तावेज़ जोड़ें। सामान्यतः उपयोगी दस्तावेज़:

  • राशन कार्ड की प्रति
  • दो जीवित संतानों के जन्म प्रमाण पत्र
  • यदि बच्चा दिव्यांग है: मान्य दिव्यांग प्रमाण पत्र (40% या अधिक होने की स्पष्टता सहित)
  • बीमारी से संबंधित दस्तावेज़ (जैसे डॉक्टर/अस्पताल प्रमाण पत्र)
  • परीक्षा/प्रवेश/परीक्षा तिथि से संबंधित प्रमाण (स्कूल/बोर्ड/संस्था से)
  • अन्य सहायक दस्तावेज़ जो आपके कारण को मजबूत करें

अनुभव-आधारित टिप

आवेदन में केवल “CCL चाहिए” लिखने के बजाय 3 बातें साफ लिखें: (1) बच्चा किस कक्षा/स्थिति में है, (2) किस अवधि में आपकी उपस्थिति जरूरी है, (3) कार्यालय कार्य का संक्षिप्त handover कैसे होगा। इससे अनावश्यक देरी कम होती है।

बच्चा विदेश में रहता हो तो CCL Rules In Rajasthan के तहत क्या होगा.

यदि बच्चा विदेश में रह रहा है, तो बीमारी/परीक्षा जैसी स्थिति में चिकित्सक या शिक्षण संस्था से प्राप्त प्रमाण पत्र के आधार पर CCL स्वीकृत की जा सकती है।

महत्वपूर्ण शर्तें (स्रोत के अनुसार)

  • विदेश यात्रा अवकाश से संबंधित नियम/निर्देशों की पालना आवश्यक
  • विदेश यात्रा हेतु सामान्यतः 21 दिन पहले आवेदन
  • CCL की 80% अवधि उसी देश में बिताने की शर्त बताई गई है जहाँ बच्चा रह रहा है

यह भाग संवेदनशील और दस्तावेज़-आधारित है—अतः स्वीकृति से पहले अपने विभाग के नवीनतम निर्देश अवश्य देखें।

सर्विस बुक में CCL का लेखा संधारण कैसे होगा.

CCL को किसी अन्य अवकाश खाते में debit नहीं किया जाता। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अलग प्रपत्र में इसका अलग से लेखा संधारित किया जाता है, और वह प्रपत्र सर्विस बुक में चस्पा किया जाता है।

प्रैक्टिकल सलाह: हर spell के बाद service book/leave account entry का मिलान कर लेना अच्छा रहता है, ताकि भविष्य में शेष CCL बैलेंस को लेकर विवाद न हो।

FAQ: CCL Rules In Rajasthan पर सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल

1) क्या CCL सिर्फ बीमारी के लिए ही होती है.

नहीं। CCL बच्चे की बीमारी के साथ-साथ परीक्षा, पालन-पोषण और अन्य वास्तविक देखभाल आवश्यकताओं के लिए भी ली जा सकती है (बच्चे की आयु सामान्यतः 18 वर्ष तक)।

2) क्या CCL को टुकड़ों में लेना बेहतर है या एक साथ.

यह स्थिति पर निर्भर है। लेकिन एक वर्ष में 3 spells की सीमा होने के कारण छोटी-छोटी अवधि में बार-बार CCL लेने से spells जल्दी खत्म हो सकते हैं। परीक्षा/उपचार की वास्तविक अवधि देखकर योजना बनाना बेहतर रहता है।

3) DDO ने मना कर दिया—क्या कोई विकल्प है.

यदि कारण वास्तविक है, तो आप दस्तावेज़/विवरण स्पष्ट करके पुनः आवेदन कर सकते हैं या सक्षम उच्च अधिकारी/विभागाध्यक्ष स्तर पर अभ्यावेदन दे सकते हैं। ध्यान रखें, अंतिम निर्णय कार्यालय आवश्यकता और नियमों के अनुरूप सक्षम अधिकारी का होता है।

4) क्या CCL के दौरान DA बंद हो जाता है.

नहीं। दिए गए नियमों के अनुसार, CCL अवधि में DA की दर बढ़ती है तो बढ़ी हुई दर से भुगतान होता है।

5) क्या रविवार/गजटेड छुट्टी बीच में आए तो CCL कम हो जाएगी.

आमतौर पर नहीं। बीच में आने वाले रविवार/राजकीय अवकाश CCL में शामिल होकर अवधि का हिस्सा माने जाते हैं, क्योंकि CCL को EL प्रकृति में माना गया है।

6) क्या पहले ली गई मेडिकल/अन्य छुट्टी को बाद में CCL बनाया जा सकता है.

नहीं। पहले लिए गए अवकाश को CCL में और CCL को किसी अन्य अवकाश में बदलने की अनुमति सामान्यतः नहीं है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

CCL Rules In Rajasthan का सार यह है कि CCL एक जरूरत-आधारित सुविधा है: पूरे सेवाकाल में 730 दिन तक, एक वर्ष में 3 spells, और न्यूनतम 5 दिन। वेतन भुगतान में 365 दिन 100% और अगले 365 दिन 80% का नियम (FD 31/07/2020) सबसे अधिक उपयोगी संदर्भ है। आवेदन करते समय दस्तावेज़ पूरे रखें और यह मानकर चलें कि अंतिम स्वीकृति कार्यालय की आवश्यकता के अनुसार सक्षम अधिकारी/DDO के विवेक पर निर्भर करती है।

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