राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार प्रोबेशनर ट्रेनी को नियुक्ति के बाद दो वर्ष (कुछ सेवाओं में एक वर्ष) की परिवीक्षा अवधि में विशेष नियमों के तहत वेतन, अवकाश और अन्य लाभ दिए जाते हैं। यहाँ हम विस्तार से उन सभी प्रावधानों को समझेंगे जो प्रोबेशनर ट्रेनी के लिए लागू होते हैं।
वेतन और भत्ते
- प्रोबेशन अवधि में नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) ही देय होता है।
- अन्य कोई भत्ता (जैसे HRA, DA आदि) देय नहीं होता।
- प्रोबेशन अवधि वेतन वृद्धि के लिए नहीं गिनी जाती।
- यदि कर्मचारी पहले से ही राजकीय सेवा में है तो वह अपने पूर्व पद का वेतनमान या नियत पारिश्रमिक में से लाभकारी विकल्प चुन सकता है।
कटौतियाँ
- नियत पारिश्रमिक से राज्य बीमा की कटौती नहीं होती।
- अप्रैल माह में सामूहिक दुर्घटना बीमा की राशि कटती है।
📅 अवकाश नियम
- प्रति वर्ष 15 आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) देय।
- प्रोबेशन अवधि में अर्जित अवकाश (Earned Leave) नहीं मिलता।
- महिला ट्रेनी को 180 दिन प्रसूति अवकाश और पुरुष ट्रेनी को 15 दिन पितृत्व अवकाश मिलता है।
- मातृत्व/पितृत्व अवकाश से प्रोबेशन अवधि नहीं बढ़ती।
- असाधारण अवकाश (EOL) अधिकतम 30 दिन तक नियुक्ति अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जा सकता है।
- 30 दिन से अधिक EOL लेने पर प्रोबेशन अवधि उतनी ही बढ़ जाती है।
- चाइल्ड केयर लीव (CCL) स्वीकृत हो सकती है, लेकिन उतनी अवधि तक प्रोबेशन बढ़ेगा।
- ऐच्छिक अवकाश (Optional Leave) प्रोबेशन में देय नहीं है।